PRI कम होने पर कौन-सी विशेषताएँ दिख सकती हैं
दृश्य जानकारी पर तर्क का स्कोर (PRI) कम होने पर कठिनाई मुख्य रूप से दो तरह की हो सकती है: आकार या व्यवस्था बनाना, और चित्रों से नियम खोजना।
- आकृति की दिशा बदलने पर यह पहचानने में समय लगना कि आकार वही है।
- हिस्सों को जोड़कर बनने वाले पूरे आकार की मन में कल्पना करना कठिन होना।
- नमूने और अपने काम की तुलना करते समय यह भूल जाना कि कौन-सा हिस्सा किससे मेल खाता है।
- शब्दों में न बताए गए नियम को कई चित्रों से खोजना कठिन होना।
- संभावित नियम बढ़ने पर यह याद न रहना कि कौन-सा नियम जाँचा जा चुका है।
बोझ केवल चित्र देखने में नहीं, बल्कि दिशा, जगह, हिस्सों और पूरे आकार के संबंध तथा संभावित नियमों को मन में याद रखने, बदलने और उनसे अनुमान लगाने में बढ़ता है। दिशा एक जैसी करना, संबंधों के नाम लिखना, बीच की स्थिति सामने रखना या वास्तविक वस्तुओं को घुमाकर देखना, उसी काम को आसान बना सकता है।
PRI कम हो तो आकार और व्यवस्था को नियम खोजने से अलग देखें
WAIS-IV India का PRI, Block Design, Matrix Reasoning और Visual Puzzles के 3 मुख्य टेस्टों से बनता है। लेकिन ये तीनों एक ही प्रक्रिया नहीं मापते।
- आकार और व्यवस्था का बोझ: Block Design और Visual Puzzles में आकार को अलग करना, दिशा या जगह बदलना और हिस्सों से पूरा आकार बनाना होता है।
- नियम खोजने का बोझ: Matrix Reasoning में कई आकृतियों की तुलना करके संबंध और नियम खोजने के बाद उत्तर चुना जाता है।
पहले प्रकार में दृश्य-स्थानिक प्रसंस्करण (Gv) और दूसरे में तरल तर्क क्षमता (Gf) की मुख्य भूमिका होती है। इसलिए कम PRI को केवल एक “अशाब्दिक क्षमता” न मानें। देखें कि आकार और व्यवस्था सँभालने में अधिक बोझ था या नियम खोजने में।
इसका अर्थ WAIS-IV India के PRI से अपने-आप दो नए स्कोर निकालना नहीं है। उप-परीक्षणों के अंतर से बोझ का प्रकार और उपयोगी उपाय समझे जाते हैं। अमेरिकी WAIS-5 में ये दोनों अलग मुख्य सूचकांक हैं। संस्करणों की संरचना का अंतर WAIS-IV और WAIS-5 के अंतर में दिया गया है।
BrainTypeIQ में तरल तर्क और दृश्य-स्थानिक प्रसंस्करण अलग देख सकते हैं। आकार व व्यवस्था और नियम खोजने में से किसका स्कोर अपेक्षाकृत कम है, यह देखकर पहले आज़माने वाला उपाय चुन सकते हैं।
कठिन परिस्थितियाँ और बोझ घटाने के तरीके
इन उपायों का साझा उद्देश्य मन में सँभाले जा रहे संबंध, बीच की स्थिति और काम के क्रम को शब्दों, लिखे हुए चरणों, वास्तविक वस्तुओं या चित्र पर की गई टिप्पणियों में सामने रखना है।
| बोझ का प्रकार | काम या पढ़ाई में परिस्थिति | बोझ घटाने का तरीका |
|---|---|---|
| दिशा और जगह | रेखाचित्र का वास्तविक वस्तु से, या सपाट रूपरेखा का दूसरे कोण से दिखे चित्र से मेल करना | कागज या वस्तु घुमाएँ और आधार दिशा व ऊपर-नीचे, दाएँ-बाएँ को तीरों से दिखाएँ |
| हिस्से और पूरा आकार | तैयार चित्र से वस्तु बनाना या त्रिआयामी आकार और काटने पर दिखने वाली अंदरूनी बनावट की कल्पना करना | हिस्सों को पहले रखकर देखें; पूरे आकार की बाहरी रेखा और बीच की स्थिति सामने रखें |
| नमूने का मिलान | नमूने और अपने काम की बार-बार तुलना करना | दोनों को साथ रखें और मेल खाने वाले हिस्सों को समान नंबर दें |
| नियम बताया न गया हो | कई चित्रों या चार्ट से साझा नियम खोजना | संभावित नियम छोटे वाक्यों में लिखें, एक-एक करके जाँचें और गलत नियम काटें |
| कई क्रियाएँ | कुछ बनाते या चित्र पढ़ते समय कई चरण पूरे करना | एक चरण एक पंक्ति में लिखें और पूरा होने पर निशान लगाएँ |
शब्दों का उपयोग करते समय लंबी व्याख्या जोड़ने की ज़रूरत नहीं है। केवल ज़रूरी संबंध या क्रिया लिखें, जैसे “सबसे बायाँ सिरा”, “घड़ी की दिशा में 90 डिग्री”, “लाल सतह ऊपर” या “A और B की लंबाई समान है”।
उसी काम में संबंधों के नाम, नंबर वाले चरण, वास्तविक वस्तुओं को घुमाना या रेखाचित्र बनाना आज़माएँ। जिस तरीके से सटीकता बढ़े और वही काम दोबारा करना आसान हो, उसे अपनाएँ।